जींद के तीर्थ स्थल-धार्मिक स्थल

प्रिय पाठकों आज हम लेकर आये है जींद के तीर्थ स्थल-धार्मिक स्थल, जिससे आप पढ़ कर आने वाले एग्जाम की तैयारी कर सकते है यदि फिर भी जींद के तीर्थ स्थल-धार्मिक स्थल में से कोई तीर्थ स्थल तरह जाता है तो आप कमेंट बॉक्स में हमारे साथ सांझा कर सकते है

यह हरियाणा राज्य के बिल्कुल मध्य में स्थित है पांडवो ने यहां विजय की देवी जयन्ती देवी मंदिर का निर्माण करवाया था जिस कारण इस शहर का नाम जयन्तिदेवी रखा गया था बाद में इसका नाम बदलकर जींद रखा गया

जींद के तीर्थ स्थल-धार्मिक स्थल

महाभारत के कई पुराण व कथायें इस जिले से जुड़ी हुई है जींद के तीर्थ स्थल-धार्मिक स्थल उतने भी प्रसिद्व है जितने यहां के मंदिर प्रसिद्ध है

आज हम आपके लिए सिर्फ महत्वपूर्ण जींद के तीर्थ स्थल-धार्मिक स्थल लेकर आये है जिसका उल्लेख व विवरण नीचे दिया गया है

हाटकेश्वर

पंचनद/हटकेश्वर नामक यह तीर्थ जीन्द से 30 किमी दूर हाट ग्राम में स्थित है। इस तीर्थ का वर्णन महाभारत तथा वामन पुराण में किया गया है यह तीर्थ स्थल प्राचीन अवशेषों के कारण बहुत प्रसिद्ध है

धमतान साहिब

यह नरवाना से 10 किमी दूर टोहाना रोड पर स्थित है शिक्खो के नोवे गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी गुरुद्वारा धमतान साहिब नौंवी 

जींद के तीर्थ स्थल-धार्मिक स्थल

पातशाही में 3 महीने तक रुके थे उनकी याद में इस गुरुद्वारे को किले के रूप में बनवा दिया गया

पाण्डु पिंडारा

यह तीर्थ जीन्द से 4 किमी दूर पाण्डु पिण्डारा गाँव में स्थित है। इस तीर्थ को महाभारत, वामन पुराण तथा पद्म पुराण में सोम (चन्द्रमा) देवता से सम्बन्धित बताया गया है।

हंस हैडर

यह जींद जिले के नरवाना के हंस हैडर गांव में स्थित है यह एक धार्मिक स्थल है और यहां कदम ऋषि जे तपस्या की थी और उन्ही के नाम पर यहां बहुत पुराना मंदिर व सरोवर है

बराह

यह जींद जिले के बराह कलां गाँव मे स्थित है और यहां भगवान विष्णु ने बराह के रूप में अवतार धारण किया था और अपने नाक के कोने पर सारी पृथ्वी को ऊपर लाकर इस सृष्टि को बचाया।

रामराय तीर्थ

यह तीर्थ स्थल जींद हांसी रोड पर जींद से 12 किमी दूर रामराय गाँव मे स्थित है इस तीर्थ में कपिल, यक्ष, यक्षिणी तथा महर्षि परशुराम के मन्दिर बने हुए हैं इस तीर्थ को कुरुक्षेत्र भूमि का देवतीर्थ माना गया है और यह तीर्थ स्थल भगवान परशुराम से सम्बंधित है

नागक्षेत्र व सफीदों

यह जींद जिले के सफीदों में स्थित है और इसे महाभारत के युग मे सर्पदमन के नाम से जाना जाता था अब इसे सफीदों के नाम से जानते है ऐसा माना जाता है कि जनमेजय ने यहां अपने पिता परिक्षित की सांप काटने से मृत्य का बदला लेने के लिए यज्ञ किया था

अश्वनी कुमार तीर्थ

यह जीन्द से 16 किलोमीटर दूर आसन गाँव मे स्थित है। इस तीर्थ स्थल में अश्वनी देवाताओं की कथा जुड़ी हुई है। यहां पर एक प्रसिद्ध तालाब है जिसमे स्नान करने से व्यक्ति के सारे पाप धुल जाते है

इकाहमस

यह जीन्द से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहाँ भगवान श्रीकृष्ण गोपियों से बचने के लिए हंस के रूप में यहीं पर छुपे थे। यह बहुत खूबसूरत है और यह हरियाणा कर प्रसिद्ध धार्मिक स्थल व तीर्थ स्थल में एक है

मुंजावता तीर्थ

यह जीन्द से 6 किमी दूर निरंजन में स्थित है। वामन पुराण के अनुसार यहां से भगवान महादेव की कथा जुड़ी हुई है और यह बहुत सुंदर है

यक्षिणी तीर्थ

यह जीन्द से 8 किमी दूर दिखनीखेड़ा में स्थित है। यह माना जाता है कि जो व्यक्ति यहां स्नान कर लेता है और यक्षिणी को खुश कर देता है, उसके सभी पाप धुल जाते हैं।

पुष्कर तीर्थ

यह जीन्द से 12 किमी दूर पोंकर खेड़ी गांव में है। पुराणों के अनुसार इसकी खोज परशुराम ने की थी। प्राचीन समय में यहां पर देवों और पूर्वजों को खुश करने के लिए अश्वमेघ यज्ञ भी किया जाता था

भूतेश्वर

यह शहर के बीच में स्थित है इस तीर्थ स्थल का नाम भगवान शंकर के नाम पर पड़ा है। महाभारत में वन पर्व के अन्तर्गत इस तीर्थ का वर्णन जयन्ती तीर्थ के नाम से मिलता है

एक हंस

यह जीन्द से लगभग 7 किमी दूर इक्कस गाँव मे स्थित है। महाभारत एवं वामन पुराण में एकहंस नाम से वर्णित है

वंशमूलक

यह जींद से लगभग 17 किमी दूर बरसोला गाँव मे स्थित है। यह वंश की वृद्धि करने वाला तीर्थ कहलाता है

ययाति तीर्थ

यह जींद से 21 किमी दूर कालवा गाँव में स्थित है। कुरुक्षेत्र भूमि का यह पवित्र तीर्थ महाराज नहुष के द्वितीय पुत्र ययाति से सम्बन्धित है।

कायशोधन

यह जींद से लगभग 19 किमी दूर कसूहन गाँव में स्थित है यह तीर्थ काया अर्थात् देह को शुद्ध करने वाला है

लोकोद्धार तीर्थ

यह जींद से 40 किमी दूर लोधार गाँव में स्थित है। इस तीर्थ का सम्बन्ध भगवान विष्णु से है क्योंकि वे तीनों लोकों का उद्धार करते हैं इसीलिए इसका नाम लोकोद्धार तीर्थ पड़ा

 

प्रिय दोस्तो आशा करता हूँ कि मेरे द्वारा दी गई जानकारी जींद के तीर्थ स्थल-धार्मिक स्थल आपको समझ आए होंगे अगर फिर भी कोई तीर्थ स्थल राह जाता है तो आप हमारे साथ सांझा कर सकते है

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