HSSC Patwari Exam Most Important Question (हरियाणा पटवारी संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न)

प्रिय पाठकों, इस लेख में हम आपके लिए लेकर आये है HSSC Patwari Exam Most Important Question (हरियाणा पटवारी संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न), जो आपको आने वाले एग्जाम में काफी मदद करेंगे। ये प्रश्न-उत्तर आपके ग्राम सचिव व कनाल पटवारी व पटवारी के आने वाले एग्जाम में से पूछे जा सकते है।

तो आइए HSSC Patwari Exam Most Important Question (हरियाणा पटवारी संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न) के बारे में विस्तारपूर्वक पढ़ते है।

HSSC Patwari Exam Most Important Question

दोस्तो पटवारी के विषय पर महत्वपूर्ण प्रश्न पढ़ने से पहले हमें यह जानना जरूरी है कि पटवारी कौन होता है? पटवारी का क्या काम होता है? और पटवारी का कर्तव्य क्या है?

तो आइए जानते है इस लेख में

पटवारी

जमीन, उपज व लगान का हिसाब किताब रखने वाला एक सरकारी कर्मचारी जो राजस्व विभाग के अंतर्गत काम करता है। यह ग्राम लेवल का एक अधिकारी होता है।

शेर शाह सूरी

पटवारी शब्द की उत्पत्ति की शुरूआत सर्वप्रथम शेर शाह सूरी के शासनकाल के दौरान हुई। उसके बाद अकबर के शाशन काल मे पटवारी का प्रचलन मुख्य रूप से हो गया।  ब्रिटिश शासनकाल के दौरान इसमें कुछ परिवर्तन हुये लेकिन यह प्रणाली जारी रही। 

गांवों में पटवारी को बड़ा साहब के नाम से जाना जाता है। देश मे अलग अलग राज्यो में पटवारी को विभिन्न नामों से जाना जाता है।

  • हरियाणा: पटवारी
  • पंजाब: पिंड दी मा या गांव की माँ
  • राजस्थान: हाकिम साहब
  • उत्तरप्रदेश: लेखपाल
  • महाराष्ट्र: तलेटी
  • उत्तराखंड: राजस्व पुलिस
  • गुजरात: कुलकर्णी
  • तमिलनाडु: कारनाम अधिकारी

यह अपने हल्के की भूमि सम्बंधी कार्य व विवाद का निपटारा करते है और भूमि का सीमांकन, म्यूटेशन, विरासत, हैसियत प्रमाण पत्र, जाति, आय, निवास, आपदा,आदि जैसे अनेको कार्य करते है। 

राजस्व विभाग के अधिकारी

  • मुख्य राजस्व अधिकारी, सचिव
  • आयुक्त, कमिश्नर
  • उपायुक्त डिप्टी कमिश्नर
  • जिला अधिकारी, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट
  • उप जिला अधिकारी, एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट
  • तहसीलदार
  • नायब तहसीलदार
  • कानूनगो
  • पटवारी व लेखपाल

हर जिले में उपायुक्त यानी डिप्टी कमिश्नर सबसे बड़ा होता है। और तहसील के सर्वोच्च अधिकारी तहसीलदार होता है।

तकनीकी युग मे अब पटवार व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। सरकार द्वारा 2005 से पटवारी इन्फॉर्मेशन सिस्टम लागू कर दिया गया है ताकि जमीन का सारा रिकॉर्ड कंप्यूटरीकृत हो सके।

पटवारी के कार्य

  • जाति, प्रमाण पत्र, आय, निवास प्रमाण पत्र आदि का सर्टिफिकेट बनाना।
  • अपने हल्के की भूमि के भूमि का निरक्षण, मापना व सीमांकन करना व जमीन से जुड़ी हर समस्याओं को देखना।
  • भूमि का आवंटन करना।
  • राजस्व विभाग को अपडेट करना।
  • एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी के खेतो के हस्तांतरण का कार्य करना।
  • अपने क्षेत्र व हल्के की जमाबंदी पर रिपोर्ट प्रस्तुत करना जिसमे ऋण, लोन व लास डोरे सम्बंधित कार्य करना।
  • अपने हल्के का नक्शा तैयार करना।
  • सभी कार्यों की रिपोर्ट तहसीलदार व कानूनगों को देते है।
  • फसलों की अंतिम बुआई के बाद खतौनी तैयार करना।

पटवारी के कर्तव्य व जिम्मेदारी

  • उगाई जाने वाली फसल का रिकॉर्ड रखना।
  • फसल, परिवर्तन व अधिकारियों के रिकॉर्ड के बारे में आकंड़े को इक्कठा करना।
  • प्रत्येक जिले की रिपोर्ट तहसीलदार को सौंपना।
  • भूमि स्वामित्व व भूमि संग्रह का रिकॉर्ड तैयार करना।
  • किसानों से सम्बंधित प्रत्येक समस्या को उच्च अधिकारियों के पास भेजना।
  • भूमि व भूमि सम्बंधित कार्यो से प्राप्त शुल्क राजस्व विभाग में जमा करवाना।
  • आपदा व बाढ़ आने पर भूमि का आँकलन  करना और उसकी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारी के पास भेजना।

नहरी पटवारी

हरियाणा सरकार ने उतर भारत जल निकासी अधिनियम 1873 को निरस्त करके हरियाणा नहर व कल निकासी अधिनियम 1974 लागू किया जिसके अंतगत एक नहरी पटवारी शामिल होगा। जिसे कनाल पटवारी भी कहा जाता है। ये पटवारी भी हरियाणा राजस्व विभाग के अंतगत आते है, जो नहर के पानी का आकलन राजस्व विभाग के पास भेजता है।

नहरी पटवारी के भी कुछ कार्य व कर्तव्य होते है जिसका वर्णन नीचे दिया गया है

नहरी पटवारी के कार्य व कर्तव्य

  • खेतों मे नहरी पानी की आपूर्ति समय पर सुनिश्चित करना।
  • खसरा बुक सिंचाई की बुकिंग करना।
  • सिचाई की स्टेटमेंट व  डिमांड तैयार करके उच्च अधिकारी के पास भेजना।
  • अधिक सिंचाई व पानी की बर्बादी से संबंधित रिपोर्ट राजस्व विभाग के पास भेजना।
  • नहरी अधिनियम की बारंबन्दी तैयार करना।
  • फसलों की रिकॉर्डिंग व अंतिम माप की तिथि तैयार करना।
  • नहर अधिनियम 1974 की ययोजना 17 को संशोधित करना।
  • नहरी दुर्घटना व ड्रेनेज कार्यो की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजना।
  • एक पटवारी अपने हल्के में लगभग 5000 एकड़ की खेती की रिकार्ड रखता है।

पटवारी से सम्बंधित महत्वपूर्ण शब्दार्थ

सिचाई के प्रारम्भिक रिकार्ड शुदकर कहलाता है।

सिंचाई का प्रारम्भिक व अंतिम माप का रिकार्ड शुदकर खसरा कहलाता है।

गाँव का नक्सा शजरा कहलाता है।

नहरी पटवारी मे संदिग्ध सिंचाई को मूरतवा कहलाता है।

जमाबंदी को फरद भी कहते है या Records of Rights भी कहते है।

हर 5 साल में जमाबन्दी को तैयार किया जाता है और उसकी 2 कॉपी बनाई जाती है एक कॉपी रिकॉर्ड रूम में और दूसरी कॉपी पटवारी के पास रहती है।

जमाबंदी पर हस्ताक्षर उस जिले का Revenue Officer करता है और जमाबंदी में 12 कॉलम होते है।  वर्तमान में जमाबंदी को ऑनलाइन किया जा रहा है।

मौके पर भूमि पर खेती करने वाले को एक नंबर दिया जाता है जिस खतौनी नंबर कहते है।

भूमि को जोतने वाला: काश्तकार कहलाता है।

पटवारी गिरदावरी कितने समय बाद करता है: 6 महीने

गांव की भूमि से सम्बंधित जानकरी देने वाली बुक: लाल किताब

तहसील में गाँव का एक क्रम नम्बर होता जो तहसील में दर्ज होता है: हदबस्त

पटवारी के काम को देखने वाला या निरीक्षण करने वाला: कानूनगो या गिरदावर

खेत का क्षेत्रफल: रकबा

भूमि जोतने वाला देने वाला लगान: मुजारा

भूमि से सम्बंधित आपसी फैसला करना : इकरारनामा

रिकॉर्ड की एक कॉपी को कहते है : पड़त पतवार

नहर व कुओं द्वारा सिंचाई होने वाली भूमि: चाही नहरी

खेतो की सीमाओं का नक्शा: शजरा

भूमि के मापने के लिए लोहे की जंजीर: जरीब, यह 10 करम लम्बी होती है

ट्रेसिंग पेपर पर बना हुआ नक्शा: शजरा किश्तवार

कपड़ो पर बना हुआ नक्शा: शजरा परचा

शजरे की नकल: अक्स शजरा

भूमि के मालिकाना हक को बदलना: इंतकाल

खेतो के क्षेत्रफल की विवरण बुक: फील्ड बुक

वर्षा से सम्बंधित रिकॉर्ड रखना: रेन्फॉल रेजिस्टर

खाद्यान के फसलों का विवरण: करंट प्राइस रजिस्टर

भूमि की वंशावली: शजर नसब

हर रोज की घटनाओं की जानकारी: रोजनामचा वक्ती

लाल डोरा मुक्त योजना: स्वामित्व योजना

लाल डोरे की शुरुआत: 1908 में

भूमि मापने की इकाइयां व माप

मुस्तलिल: 200 कनाल

मुरबा: 25 किलो का समूह

2.5 किले (एकड़): 1 हेक्टेयर

1 एकड़ का क्षेत्रफल: 4046.85 वर्ग मीटर

एकड़ का दूसरा नाम: किला

एकड़ की इकाई: फरद या कनाल

1 किले में: 8 कनाल

1 कनाल का क्षेत्रफ़ल: 505.85 वर्ग मीटर

1 कनाल: 20 मरला

1 मरले का क्षेत्रफल: 25.29 वर्ग मीटर

1 मरले में: 9 सरसई

1 सरसई का क्षेत्रफल: 2.81 वर्ग मीटर

1 हेक्टेयर में बीघे: 4 बीघे

1 एकड़ में बीघे : 1.62 बीघे 

1 किला फुट का होता है: 43560 वर्ग फुट

1 करम में फुट: 5.5 फुट या 66 इंच

1 करम का क्षेत्रफल: 30.25 वर्ग मीटर

1 किले में पूर्व से पश्चिम तक करम: 40 करम ( 220 फुट)

1 किले में उत्तर से दक्षिण करम: 36 करम  (198 फुट )

एक गज में फुट: 3 फुट 

एक मुरबा बराबर होता है: 25 किले

1 गज का: 1 यार्ड

हरियाणा की कृषि, प्रमुख फसलें व सब्जियां

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हरियाणा की कृषि, प्रमुख फसले, फल व सब्जियाँ (Agriculture Production of Haryana)

हरियाणा पटवारी/नहरी पटवारी से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

स्वतंत्रता के बाद जमीदारी प्रथा को समाप्त किया गया

राजस्व नियमन पर लगान 50% से घटाकर 20 से 25 % किया गया

1954 मे सभी राज्यों मे हदबंदी कानून बनाने के निर्देश दिए गए जिसके तहत जम्मू कश्मीर हदबंदी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना

1954 मे देश मे चकबंदी कानून लागू किया गया, 1980 के बाद सभी राज्यों मे इस कानून को लागू किया गया

देश मे भूमि जोतो का आकार

  • 59%: हेक्टेयर से कम
  • 32.2% का आकार: 1 से 4 हेक्टेयर के बीच
  • 7.2% का आकार: 4 से 10 हेक्टेयर के बीच
  • 1.6% का आकार: 10 हेक्टेयर से अधिक

शस्य गहनता: किसी भूमि पर एक वर्ष जितनी बार फसले उगाई जाती है उसे शस्य गहनता कहते है

  • पंजाब मे : 189%
  • हिंचाल प्रदेश मे : 170%
  • हरियाणा मे : 168%
  • पश्चिमी बंगाल मे : 166%
  • उत्तर प्रदेश मे 150%

प्रति भूमि: एक से लेकर 5 वर्ष तक कोई फसल ना उगाई हो

फसलों के उत्पादन के जनक: पीटर डेकरोसी

देश का पहला जैविक खेती करने वाला राज्य: सिक्किम है

हरियाणा प्रदेश की सभी जेलों में अब जीरो बजट प्राकृतिक खेती की जाएगी इसकी शुरुआत रोहतक जिले की जेल से की जाएगी, इसका शुभारंभ गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत व हरियाणा के बिजली एवं जेलमंत्री चौधरी रणजीत सिंह ने किया था 

धारा 7 ए के तहत कॉलिनी मे छोटे प्लाट काटकर नहीं बेचे जा सकते

हरियाणा सरकार द्वारा डिजिटल लेंड रिकार्ड रखने वाला जिला: सिरसी(करनाल) व मानेसर( गुरुग्राम)

तालाब के पनि से सिंचाई करने वाला पहला जिला: क्योड़क, कैथल

अवध रेट भूमि संशोधन पारित हुआ: 1921 मे

भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को स्वीकृत किया गया: 26 सितंबर 2013 को राष्ट्रपति द्वारा

भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के किस धार मे प्रारम्भिक अधिसूचना का प्रकाशन किया: धारा 11

राष्ट्रीय भूमि अभिलेख आधुनिकरण कार्यक्रम शुरू किया गया: अगस्त 2008 मे भारत सरकार द्वारा

लगान की गणना करने वाला: सहायक कलेक्टर

भूमि के बाजार मूल्य का अवधारण करने वाला: कलेक्टर

भूमि का प्रारम्भिक सर्वेक्षण: धारा 12 के तहत

लाल डोरा मुक्त करने वाला देश का पहला राज्य: हरियाणा

स्वामित्व योजना

पंचायती राज दिवस मनाया जाता है: 24 अप्रैल

स्वामित्व योजना की शुरुआत हुई: 24 अप्रैल 2021, इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों में लोगो की आवासीय जमीन का मालिकाना हक देना

स्वामित्व योजना की शुरुआत की: माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने

देखे हरियाणा ग्राम सचिव से संबधित प्रश्न उतर HSSC Gram Sachiv Exam Most Important Question (हरियाणा पंचायती राज व्यवस्था के महत्वपूर्ण प्रश्न)

 

हरियाणा पटवारी व नहरी पटवारी से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

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Neelam Chaudhary

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