हरियाणा की विधुत व ऊर्जा परियोजना(Electricity and Energy Project of Haryana)

प्रिय दोस्तों आज हम लेकर आये है हरियाणा की विधुत व ऊर्जा परियोजना(Electricity and Energy Project of Haryana), जिससे आप आने वाले एग्जाम की तैयारी सही ढंग से कर सके, दोस्तो हरियाणा के किसी भी एग्जाम में हरियाणा की विधुत व ऊर्जा परियोजना(Electricity and Energy Project of Haryana) से कोई एक प्रशन जरूर आता है इसीलिए हम आप सभी के लिए यह विषय लेकर आये है

हरियाणा की विधुत व ऊर्जा परियोजना(Electricity and Energy Project of Haryana)

हरियाणा 1970 मे सभी गांवों मे बिजली पहुंचा कर देश का पहला राज्य बना हरियाणा विधुत उत्पादन निगम लिमिटेड की स्थापना 17 मार्च 1997 को की गई थी, जिसके तहत हरियाणा के बाकी जिलो के विधुत परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया है हरियाणा में बिजली उत्पादन को सुधारने के लिए विधुत परियोजना को 14 अगस्त 1998 को राज्य को दो भागों में बांटा गया है

हरियाणा बिजली उत्पादन निगम लिमिटेड

इसका मुख्य कार्य राज्य के ताप व बिजली घरों की देखरेख करना व उनका रखरखाव करना, इसका मुख्य कार्य है

हरियाणा बिजली प्रसारण निगम लिमिटेड

इसका मुख्य कार्य बिजली का प्रसारण करना है

और 16 अगस्त 1998 को हरियाणा में बिजली विनियंत्रक की स्थापना हुई, जिसके अंतर्गत इसे दो भागों में बांटा गया है

  • उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम
  • दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम

Electricity and Energy Project of Haryana

तो आइये अब विस्तारपूर्वक जानते है कि हरियाणा के विधुत व ऊर्जा परियोजना, हरियाणा में थर्मल पावर स्टेशन की जिम्मेदारी HPGCL( हरियाणा पावर जनरल कॉर्पोरेशन लिमिटेड कंपनी) को दी है जो एक ISO 900 व ISO 14001 प्रमाणित कंपनी है।

तापीय विधुत परियोजना केंद्र

पानीपत विधुत थर्मल प्लांट

यह पानीपत जिले के आसन सिवाह नामक स्थान पर स्थित है इसकी कुल क्षमता 1367.8 मेगावाट है इसे ताऊ देवी लाल थर्मल पावर स्टेशन भी कहा जाता है इसकी कुल 8 यूनिट है जिसमे से पहले 4 इकाई यूनिट की क्षमता 440 मेगावाट है बाकी दो- दो इकाई यूनिट की 250 ओर 210 मेगावाट है।इसकी स्थापना नवंबर 1979 में कई गई थी। और साल 2004-05 में केंद्रीय विधुत प्राधिकरण दिल्ली ने 250 मेगावाट की इकाई को सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार से चुना गया था

राजीव गांधी विधुत परियोजना

खेदड़ पावर प्लांट

यह जिला हिसार के खेदड़ गाँव मे स्थित है इसकी स्थापना 24 अगस्त 2010 में कई गई थी इसकी कुल क्षमता 1200 मेगावाट की है जिसमे 2 यूनिट की 600- 600 मेगावाट की है इसकी कुल लागत लगभग 4297 करोड़ है और इसे उतरी भारत का पहला मेगा परियोजना घोषित किया गया है और इसका निर्माण रिलायन्स लिमिटेड द्वारा किया गया था

दीनबन्धु छोटूराम विधुत परियोजना

इसकी स्थापना अप्रैल 2008 में यमुनानगर जिले में कई गई थी इसका निर्माण रिलायन्स ऊर्जा व शंगाई इलेक्ट्रॉनिक द्वारा किया गया था यह राज्य की पहली परियोजना है जो प्राइवेट क्षेत्र के लिये है इसकी कुल क्षमता 600 मेगावाट है जिसमे 300-300 मेगावाट की 2 यूनिट इकाई है इसमें सेंट्रल कोलफील्ड की सहायता से इसमें कोयला पहुंचाया जाता है

महात्मा गाँधी विधुत परियोजना

यह झज्जर जिले के खानपुर गाँव मे स्थित है इएकी कुल क्षमता 1320 मेगावाट है इनका निर्माण कार्य अभी चल रहा है और यह कोयले पर आधारित विधुत तापीय परियोजना है

इंदिरा गांधी पावर प्लांट

इंदिरा गांधी सुपर तापीय विद्धुत परियोजना

यह झज्जर जिले के झावड़ी में स्थित है इसकी आधारशिला UPA अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने 2007 में रखी थी और पूर्व केंद्रीय विद्युत राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिन्दर सिंह हुड्डा ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया इसकी कुल लागत 7900 करोड़ रुपए है इसमें 1500 मेगावाट की 3 इकाई यूनिट है और इसे महानदी कोल्डफिल्ड परियोजना द्वारा कोयले की आपूर्ति की जाती है

जल विधुत परियोजना

पश्चिमी यमुना नहर परियोजना

इसकी स्थापना 1977 में युमुनानगर जिले में कई गई थी और यह यमुना नदी के किनारे हथनीकुंड बांध व दादुपुर गाँव के पास स्थित है इसकी कुल सहमत 1600 मेगावाट है जिसमे 400-400 मेगावाट की 4 यूनिट इकाई है

ककरोई सूक्ष्म जल विद्युत परियोजना

यह सोनीपत जिले के ककरोई गाँव मे पश्चिमी यमुना नहर के किनारे स्थित है इसकी कुल क्षमता 400 मेगावाट है जिसमे 100-100यूनिट की 4 इकाई है

गैसीय विद्युत परियोजना

यह फरीदाबाद जिले में स्थित है इसकी कुल क्षमता 1500 मेगावाट है

सौर ऊर्जा परियोजना

यह यमुनानगर जिले के भूदकला गाँव मे स्थित है और हरियाणा पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड की सहायता से इसका निर्माण किया जाएगा  Electricity and Energy Project of Haryana

परमाणु विद्युत परियोजना

गोरखपुत परमाणु प्लांट

यह परियोजना फतेहाबाद जिले के गाँव गोरखपुर में स्थित है इसकी आधारशिला माननीय पूर्व प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह व हरियाणा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 12 अगस्त 2014 को रखी गई थी इसकी कुल क्षमता 2800 मेगावाट की है जिसमे 700-700 के 4 यूनिट इकाइयां है इसके सर्च लगते गांव काजल्हेड़ी व कुम्हारिया गाँव है

पवन ऊर्जा परियोजना

यह ऊर्जा अभी सिर्फ दो ही जिलों में शुरू की जा रही है एक, यह पंचकूला के मोरनी हिल्स क्षेत्र रामसर व चकली गाँव मे विकसित की रही है दूसरी गुरुग्राम जिले में विकसित की जा रही है

हरियाणा के ऊर्जा पार्क(Electricity and Energy Project of Haryana)

इसके साथ ही हरियाणा सरकार समय समय पर हर जिले में सौर ऊर्जा पार्क बनाने की योजना बनाई जा रही है ताकि बिजली उत्पादन का भरपूर उपयोग कर सके। अभी तक हरियाणा सरकार ने 20 ऊर्जा पार्क बनाये है जिसकी सूची व विवरण नीचे दिया गया है

अहीर कॉलेज: रेवाड़ी

 

हसराज पब्लिक स्कूल: पंचकूला

 

गवर्नमेंट पोलटेनिक: सिरसा व झज्जर

 

वैश्य कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग: रोहतक

 

गुरु जम्बेश्वर यूनिवर्सिटी हिसार

 

सोलर प्लेट सिस्टम

मिनी सचिवालय: करनाल

 

हरियाणा इंस्टिट्यूट रूरल डेवलपमेंट नीलोखेड़ी: करनाल

 

BKN Govt पोलटेनिक: नारनौल

 

कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर व टेक्नोलॉजी हिसार

 

नवज्योति फाउंडेशन गुरुग्राम

 

सर छोटूराम स्टेट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग सोनीपत

 

YMCA इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग व टेक्नोलॉजी मैनजमेंट फरीदाबाद

 

मॉडल स्कूल नुहु

Electricity and Energy Project of Haryana

आदर्श महिला विद्यालय भिवानी

 

रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज कुरुक्षेत्र

 

मनोहर मेमोरियल पी जी कॉलेज: फतेहबाद

 

हरियाणा कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी इंजिनीरिंग व मैनेजमेंट कैथल

 

ML इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रादौर युमुनानगर

 

कान्वेंट ऑफ जीसस एंड मेरी अम्बाला कैंट

 

प्रिय दोस्तों आशा करता हु की मेरे द्वारा दी गई हरियाणा की विधुत व ऊर्जा परियोजना(Electricity and Energy Project of Haryana) की जानकारी से आप संतुष्ट होंगे और अधिक जानकारी के लिए जूडिये हमारे साथ

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Kajla

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