हरियाणा की वेशभूषा (Famous Costumes of Haryana)

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प्रिय पाठकों आज हम आपके लिए लेकर आए है हरियाणा की वेशभूषा (Famous Costumes of Haryana), जिससे आप आने वाले HSSC के Exams की तैयारी कर सकते है अगर कोई जानकारी हरियाणा की वेशभूषा (Famous Costumes of Haryana) की अधूरी रह जाती है तो है कृपया करके आप हमारे कॉमेंट बॉक्स मे हमारे साथ सांझा कर सकते है

हरियाणा की कला व संस्कृति उतनी ही प्रसिद्ध जितनी हरियाणा राज्य की वेशभूषा, हरियाणा की वेशभूषा (Famous Costumes of Haryana) व आभूषणों से साफ पता चल जाता है कि ये किस राज्य की वेशभूषा है क्योंकि भारत देश मे हरियाणा की वेशभूषा की एक अलग ही पहचान है दक्षिणी हरियाणा में राजस्थान की संस्कृति व वेशभूषा की झलक देखी जा सकती है भारतीय इतिहास और संस्कृति की मुख्य धारा में हरियाणा का योगदान उल्लेखनीय रहा है हरियाणा की कला व संस्कृति देश के समृद्ध राज्यो में एक है

हरियाणा की वेशभूषा (Famous Costumes of Haryana)

प्राचीन काल से ही हरियाणा की पारम्परिक वेशभूषा खादी थी, पुरुष धोती कुर्ता और महिलाएं घाघरा कुर्ती पहनती थी लेकिन धीरे धीरे ये पहनावा समय के अनुसार बदलता गया लेकिन कई जिलों में आज भी यह परम्परा कायम है तो आइए देखते है कि हरियाणा की पुरषो की वेशभूषा व महिलाओं की वेशभूषा (Famous Costumes of Haryana) कौन कौन सी है

पुरषो की वेशभूषा

धोती- कुर्ता

यह हरियाण प्रदेश का प्रमुख पहनावा है जो पुरषो द्वारा कमर के निचे पहना जाता है और यह सफेद रंग एक एक लाल चादर जैसा होता है और इनके साथ ही सफेद रंग का कुर्ता पहना जाता है धोती कुर्ता हरियाणा प्रदेश की शान माना जाता है कोई लोग सफेद रंग का कुर्ता और पायजामा भी पहना करते है

पगडी

यह भी ज्यादातर सफेद रंग के चादर का एक छोटा टुकड़ा होता है जो सिर के ऊपर बांधा जाता है जिसे देसी भाषा मे पागड़ी व साफा भी कहा जाता है शहरी इलाको में इसे टोपी कहते है राजपूत लोग जो पगड़ी पहनते है उसे पाग कहा जाता है

गुलीबन्द

यह सर्दियों द्वारा पहनने जाने वाला ऊनी वस्त्र है जो गर्दन पर लपेटा जाता है जिसे स्थानीय भाषा मे मफलर कहा जाता है

दुशाला या कम्बल

यह सर्दियों द्वारा पहनने जाने वाला ऊनी वस्त्र होता है जो अधिक मोटा होता है ज्यादातर बड़े बुजर्ग इसे सर्दियों में पहना करते है इसे शॉल

शाल

भी कहा जाता है

खेस

यह शुरुआत की सर्दियों में पहना जाता है और यह मोटी सुत का बना हुआ होता है

दोहर

यह हाथ से बनी बारीक सुत की बड़ी चादर होती है जो सर्दियों में पहनी जाती है

रुई की कमरी

यह रुई से भरकर बनाई जाती है जिसे मिरजई कहा जाता है

कमरी या बूंड़ी

यह शुरुआत की सर्दियों में पहनी जाती है और यह आधी आस्तीन कमर तक जैकेट होती है

अंगरखा

यह बहुत लंबा नीचे तक झूलता हुआ कलीदार पहनावा होता है जिसे दरबारी ढंग का कुर्ता भी कहा जाता है

अन्य महत्वपूर्ण पुरषो की वेशभूषा (Famous Costumes of Haryana)

खंडवा भी पगड़ी का एक प्रकार है

मारवाड़ी लोगो द्वारा पहने वाली पगड़ी को पागड़ी कहा जाता है

बंदर टोपी: यह कान, सिर व गले तक पहने जाने वाली टोपी होती है जो अधिकतर दिसम्बर व जनवरी के मौसम में पहनी जाती है

गांधी टोपी भी टोपी का एक प्रकार है

महिलाओं की वेशभूषा (Famous Costumes of Haryana)

हरियाणा राज्य में महिलाओं की प्राचीन व प्रसिद्ध वेशभूषा दामन कुर्ता है तो आइए देखते है हरियाणा में महिलाओं की वेशभूषा के ओढनियों के बारे मे विस्तारपूर्वक

ओढनियों के प्रकार

ओढ़ना

गोटा लगी ओढ़ना जिसे ओढ़नी भी कहा जाता है यह महिलाओ द्वारा सिर पे ओढा जाता है

छ्यामा

यह पीले पाट की ओढ़नी होती है

लहरिया

यह बंधाई पद्धति से तैयार किया ओढना होता है

पीली ओढनी

पीलिया

यह पीले रंग की ओढ़नी होती है जिसके किनारों पर लाल रंग की कढ़ाई की होती है यह बच्चे के जन्म पर पीहर वालो की तरफ से दिया जाता है जिसे महिलाये ओढ़कर जलवा पूजन या कुंआ पूजन करती है

ढिमाच

यह रेशमी ओढ़नी होती है जो विवाह के समय दुल्हन द्वारा ओढ़ी जाती है

सोपली

यह गाढ़े लाल रंग की ओढ़नी होती है जिसे मांगलिक ओढ़नी भी कहा जाता है

गुमटी

यह सूती रंगीन कपड़े पर रेशमी बुंदियो से कढ़ाई की हुई ओढ़नी होती है

कंघ

यह गहरे लाल रंग की ओढ़नी होती है इसके अंदर कई तरह की जैसे बेल, फिरकीदार कढ़ाई पौधे आदि की कढ़ाई की होती है

फुलकारी

इसके चारों तरफ डब्बीनुमा आकार की कढ़ाई की होती है

दुकानिया

यह खद्दर का गहरे लाल रंग का ओढना होता है जो पीले रंग के के धागों से कढ़ाई किया हुआ होता है इसके सिर्फ किनारों पर पर ही कढ़ाई की जाती है

चुंदड़ी

यह बिल्कुल पतली ओढ़नी होती है जिसके पल्ले लाल रंग के होते है

घाघरा

दामण

यह सूती कपड़े का बना होता है यार या लाल व काले रंग का होता है

बोरड़ा

यह खद्दर के कपड़े का बना होता है और इस घाघरे के ऊपर फूल छपा हुआ होता है

लैह

यह नील रंगने सूती कपड़े का बना होता है जिसके ऊपर पीले पाट की कढ़ाई की होती है

चांद तारा घाघरा

यह खद्दर के कपड़े का होता है जिसके ऊपर दूज के चांद व तारे ली कढ़ाई की होती है

कैरी

नीले रंग के खद्दर पर लाल टिकों वाले कपड़ों का घाघरा होता है

गुलडां की लैह

यह बंधाई पद्धति से रंगे हुए खद्दर से बना घाघरा होता है

खारा

यह चार नीले व चार लाल धागों की कढ़ाई से बना हुआ खद्दर का घाघरा होता है

अन्य महत्वपूर्ण महिलाओं की वेशभूषा(Famous Costumes of Haryana)

समीज यह कमीज के नीचे पहनी जाती है

कमीज या कुर्ती यह सलवार के ऊपर पहना जाता है

सलवार यह कुर्ते के नीचे पहनी जाती है जो आजकल युवा पीढ़ी बहुत अपना रही है

जम्फर यह शरीर के ऊपरी हिस्से में पहना जाता है

नए महत्वपूर्ण महिलाओं की वेशभूषा(Famous Costumes of Haryana)

भारत में जातीयता, भूगोल, जलवायु और क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं के आधार पर भिन्न-भिन्न प्रकार के वस्त्र धारण किये जाते हैं अभी भी 

ग्रामीण इलाकों में संस्कृति व पुराने रीति रिवाजों से वस्त्र धारण किये जाते है लेकिन शहरी लोगो मे यह संस्कृति धीरे बदल रही है तो आइये आपको बताते है कि कुछ नए वस्त्र जिनको आजकल हर व्यक्ति प्रयोग में ला रहा है

  • प्लाजो
  • साड़ी
  • लहंगा/लांचा
  • स्कर्ट
  • लैगी
  • फ़्रॉक
  • जीन्स और पेंट

सोने हेतु हरियाणा की वेशभूषा(Famous Costumes of Haryana)

रजाई या सौड़

जो सर्दियों में ओढ़ी जाती है शहरी इलाकों में फोम वाली रजाई का प्रयोग किया जाता है

कम्बल

यह कपड़े, ऊन व रेशम का छोटा टुकड़ा होता है जिसका प्रयोग आजकल किया जा रहा है

गदेला

आज रुई से भरा हुआ होता है जो मंजी व बेड पर बिछाया जाता है

बिछौना

यह कपड़े से बना हुआ गदेला होता है जिसमे पुराने कटे फ़टे वस्त्र भरकर बनाया जाता है इससे देशी भाषा मे गूदड़ कहते है

दरी

यह मोती सुई के धागों से अलग अलग रंग की बनी होती है जो नीचे बिछाने के काम आती है

बच्चों की वेषभूषा (Famous Costumes of Haryana)

फरगल

यह एक।प्रकार की टोपी होती है और सर्दियों के मौसम में ओढ़ी जाती है जिसकी झालर कमर तक लटकती रहती है

झुग्गा

यह छोटे बच्चों का पहनावा है

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न (Famous Costumes of Haryana)

हरियाणा राज्य का वस्त्र विज्ञान तकनीकी संस्थान: भिवानी में 1943 में बना था

राज्य की सबसे बड़ी कपड़ा मंडी: भिवानी

एशिया का सबसे बड़ी कपड़ा मार्किट: रोहतक, शौरी कपड़ा मार्किट

सीसवाल सभ्यता के लोग उन, वस्त्र, खाल आदि बनाने में निपुण थे

हरियाणा राज्य में पगड़ी को राज्य का प्रतीक माना जाता है

महिलाओं द्वारा उपहार में दिये जाने वाला वस्त्र: तील

प्रिय दोस्तो आशा करता हु कि मेरे द्वारा दी गई जानकारी हरियाणा की वेशभूषा (Famous Costumes of Haryana) से आप संंतुष्ट होंगे और अधिक जानकारी देखने के लिए जुड़िये हमारे टेलीग्राम ग्रुप में जिसका लिंक मुख्य पेज पर दिया हुआ है

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